Universe मार्च 24, 2021 तुम्हारे ही____अनुगुंजि शब्दों के वाङ्मय में तीनों गुणों से रहितमैं तिरोहित हो गयीमैं पूरी ब्रम्हाण्ड हो गयी। शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप लेबल Poetry शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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