प्रेम...! प्रथम दृष्टि में...! कितना मादक होता है..! दिखता है ज़मीन पर आसमान..!. असम्भव...सबकुछ सम्भव लगता है....! और जब ....! वही मादकता और प्रेम आजीवन टीक जाए...! तब...! धन्य हो जाता है इंसान...!! सखी..!काश..!! ऐसा कुछ सच होता...?? और..! प्रकृति और पुरूष के मौसम में..! इतनी विसंगतियों न होती...??